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सड़क हादसों पर लगेगी ब्रेक: KLU छात्रों का स्मार्ट PMSD डिवाइस तैयार

KL University· 7/5/2026
<p>बारिश की हल्की बूंदाबांदी शुरू होते ही शहर की सड़कों पर खतरा बढ़ जाता है। ऊपर से सड़क ठीक दिखाई देती है, लेकिन अंदर छिपे गड्ढे, खुले मैनहोल या अचानक आने वाले स्पीड ब्रेकर ड्राइवरों के लिए परेशानी बन जाते हैं। खासकर बारिश या अंधेरे में ये खतरे साफ नजर नहीं आते और कई बार छोटे से गलती बड़े हादसे का कारण बन जाती है।</p><p>इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए KLH बछुपल्ली कैंपस के छात्रों ने एक आसान और उपयोगी समाधान तैयार किया है। बीटेक के इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) विभाग के छात्रों ने मिलकर एक खास डिवाइस बनाया है, जो सड़क पर छिपे खतरों को पहले ही पहचान लेता है, <a href="https://medium.com/@topuniversityinsouthindia/best-universities-in-india-how-one-students-story-inspires-many-e748281baffd">Best Universities in India</a>।</p><p>इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व सुधाम्शा अमरागनी कर रहे हैं। उनके साथ कायेनात ज़बीन, बी. ज्ञानेश्वरी, एम. रिथिका और एस. अलेख्य की टीम इस डिवाइस के प्रोटोटाइप पर काम कर रही है और इसे बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है।</p><p>छात्रों ने अपने इस आइडिया को PMSD डिवाइस का नाम दिया है। PMSD का मतलब है – पॉटहोल, मैनहोल और स्पीड ब्रेकर डिटेक्शन डिवाइस। यह एक स्मार्ट सिस्टम है जो सड़क पर मौजूद खतरों को तुरंत पहचान सकता है।</p><p>यह डिवाइस अल्ट्रासोनिक और इन्फ्रारेड सेंसर की मदद से काम करता है। ये सेंसर सड़क की सतह को स्कैन करते हैं और जैसे ही कोई गड्ढा, मैनहोल या स्पीड ब्रेकर मिलता है, सिस्टम तुरंत उसे पहचान लेता है। खास बात यह है कि यह डिवाइस बारिश, अंधेरा या पानी भरी सड़क जैसी मुश्किल परिस्थितियों में भी सही तरीके से काम कर सकता है।</p><p>खतरा पहचानते ही यह डिवाइस ड्राइवर को तुरंत अलर्ट करता है। इसमें आवाज के जरिए सूचना, लाइट सिग्नल और स्क्रीन पर मैसेज जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे ड्राइवर को पहले ही पता चल जाता है और वह समय रहते गाड़ी की स्पीड कम कर सकता है या रास्ता बदल सकता है। इससे अचानक ब्रेक लगाने की जरूरत कम होती है और हादसों की संभावना भी घटती है।</p><p>इस डिवाइस में GPS भी जोड़ा गया है, जिससे खतरे वाली जगह की सही लोकेशन रिकॉर्ड हो जाती है। साथ ही IoT तकनीक के जरिए यह जानकारी एक सिस्टम में सेव की जा सकती है। इससे सड़क की स्थिति की जानकारी रियल टाइम में मिलती रहती है और संबंधित विभागों को भी खराब सड़कों की पहचान करने में मदद मिलती है।</p><p>छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य इस तकनीक को सिर्फ बड़े और महंगे वाहनों तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे आम गाड़ियों में भी उपयोग के लिए आसान बनाना है। अगर यह डिवाइस बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने लगे, तो सड़क हादसों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</p><p>यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि अगर सही सोच और मेहनत हो, तो छात्र भी समाज की बड़ी समस्याओं का आसान समाधान दे सकते हैं। KL University के इन छात्रों की यह पहल आने वाले समय में सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।</p>
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