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कैंपस में रिसर्च की ऊर्जा, भविष्य के करियर की तैयारी

KL University· 7/5/2026
<p>KLU परिसर में माहौल किसी सामान्य क्लासरूम जैसा नहीं था। लैपटॉप की रोशनी, बनते प्रोटोटाइप और टीमों के बीच तेज़ चर्चा… यह दृश्य एक बड़े उद्देश्य की ओर इशारा कर रहा था। KL University में आयोजित ‘स्किल पैलेवर’ ने दिखाया कि जब पढ़ाई को प्रोजेक्ट और रिसर्च से जोड़ा जाता है, तो सीखना सीधे करियर की तैयारी बन जाता है।</p><p>यह पहल प्री-फाइनल ईयर के इंजीनियरिंग, बीसीए और एमसीए छात्रों के लिए तैयार की गई है। दो सेमेस्टर तक चलने वाली इस संरचित, प्रोजेक्ट-आधारित यात्रा का लक्ष्य साफ है - थ्योरी को ऐसे कौशल में बदलना जो उद्योग की वास्तविक जरूरतों से मेल खाए। कार्यक्रम में समस्या-समाधान, परिणाम-आधारित सीखने और व्यावहारिक सोच पर विशेष जोर दिया गया।</p><p>इस वर्ष अंतिम चरण में 5,500 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। कंप्यूटर साइंस, एआई और डेटा साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल, मैकेनिकल और आईटी के विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग, एम्बेडेड सिस्टम्स, 5जी टेक्नोलॉजी, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग और गेम डिजाइन जैसे उभरते क्षेत्रों में अपने समाधान प्रस्तुत किए, <a href="https://www.kluniversity.in/">Best Universities in India</a>।</p><p>एआई और मशीन लर्निंग चैलेंज में अकेले 850 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी, जेनेरेटिव एआई, क्लाउड और डेटा-ड्रिवन इनोवेशन से जुड़े कई विशेष हैकाथॉन में भी छात्रों की मजबूत भागीदारी रही। यह सहभागिता इस बात का संकेत है कि युवा तकनीक के बदलते रुझानों को तेजी से अपनाने के लिए तैयार हैं।</p><p>कार्यक्रम को तीन चरणों में व्यवस्थित किया गया था।</p><p>पहला चरण ‘लर्न’ छात्रों को वास्तविक समस्याओं से परिचित कराने पर केंद्रित रहा। उद्योग विशेषज्ञों ने उभरती तकनीकों, फ्रेमवर्क और समाधान डिज़ाइन पर मार्गदर्शन दिया।</p><p>दूसरे चरण ‘इंटरनल रिव्यू’ में टीमों ने अपने प्रारंभिक मॉडल प्रस्तुत किए। मेंटर्स और शिक्षकों ने तकनीकी मजबूती, कार्य-पद्धति और व्यवहारिकता पर विस्तार से समीक्षा की।</p><p>अंतिम चरण ‘हैकाथॉन रिव्यू’ में उद्योग विशेषज्ञ सीधे छात्र परियोजनाओं से जुड़े। समाधान की उपयोगिता, स्केलेबिलिटी और व्यावहारिक प्रभाव के आधार पर गहन मूल्यांकन हुआ।</p><p>फोर्ड, आईबीएम, सिस्को, फ्लिपकार्ट, टाटा एल्क्सी, केपीआईटी टेक्नोलॉजीज और साइनॉप्सिस जैसी वैश्विक कंपनियों से जुड़े विशेषज्ञों ने मेंटरिंग और मूल्यांकन में सक्रिय भूमिका निभाई। विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत प्रतिभागियों ने उभरती तकनीकों में उद्योग-स्तरीय तैयारी दिखाई, जबकि करीब 60 प्रतिशत छात्रों ने एआई से जुड़े कौशल में उल्लेखनीय दक्षता प्रदर्शित की।</p><p>पूरे आयोजन की खास बात यह रही कि यह केवल प्रतियोगिता नहीं था। यह एक ऐसा मंच बना जहां शोध-आधारित सोच, टीमवर्क और व्यावहारिक क्रियान्वयन साथ-साथ आगे बढ़े। छात्रों की तकनीकी क्षमता के साथ उनकी सोच की स्पष्टता, समस्या-समाधान की रणनीति और पेशेवर व्यवहार का भी मूल्यांकन किया गया।</p><p>‘स्किल पैलेवर’ ने यह साबित किया कि जब शिक्षा को उद्योग के अनुभव से जोड़ा जाता है, तो
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